Vidyapati

जय जय भैरवि असुर-भयाउनि | Jai Jai Bhairavi Lyrics (विद्यापति के दोहे)

विद्यापति के दोहे  जय जय भैरवि असुर-भयाउनि, पशुपति भामिनी माया। सहज सुमति वर दिअ हे गोसाऊनि, अनुगति गति तुअ पाया।। वासर रैन सवासन शोभित, चरण चन्द्रमणि चूडा। कतओक दैत्य मारि मुख मेलल, कतओ उगलि कय कूडा।। साँवर वरन नयन अनुरंजित, जलद जोग फूल कोका। कट-कट…

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15+ Maithili Shiv Bhajan Lyrics | मैथिली शिव भजन लिरिक्स

Maithili Shiv Bhajan Lyrics | मैथिली शिव भजन लिरिक्स   फिरय शंभू के करनमा मैथिली लोकगीत फिरय शंभू के करनमा, गौरी दाइ वन-वन मे ना अन्न त्यागल, पानि त्यागल, त्यागल परनमा बेलपात चिबाय गौरी राखल जीवनमा गौरी दाइ वन-वन मे ना होम कयलनि, जाप कयलनि नारद बभन…

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Maithili Bhajan by Vidyapati | मैथिली भजन विद्यापति

Maithili Bhajan by Vidyapati  तीलक लगौने धनुष कान्ह पर टूटा बालक ठाढ़ छै : विद्यापति तीलक लगौने धनुष कान्ह पर टूटा बालक ठाढ़ छै घुमि रहल छै जनकबाग में फूल तोरथ लेल ठाढ़ छै श्याम रंग जे सबसँ सन्नर से सबहक सरदार छै नाम पुछई छै राम कहै छै अबध के राजकुम…

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